TN Bharat News

काव्यगोष्ठी का आयोजन सम्पन्न


म.प्र. आँचलिक साहित्यकार परिषद, जिला शाखा -दमोह द्वारा
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर काव्यगोष्ठी का आयोजन सम्पन्न
   

      दमोह । गत दिवस म.प्र. आँचलिक साहित्यकार परिषद, जिला दमोह द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर एस.पी.एम. नगर स्थित माता सिंहवाहिनी मंदिर में काव्यगोष्ठी एवं पर्यावरण मित्रों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मंचासीन अतिथियों द्वारा माता सिंहवाहिनी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके छायाचित्र पर माला पहनायी गई।श्रीमति विमला तिवारी ‘कल्याणी‘ द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गयी।कार्यक्रम का संचालन सुधीर कुमार सेन द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमोद गाँगरा, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बी.एस. पटैरिया एवं गोविन्द प्रसाद मिश्रा रहे। मंचासीन अतिथियों का स्वागत संस्था अध्यक्ष ठा. रामचन्द्र सिंह ‘संन्यासी‘, डाॅ. राशिद दमोही, प्रमोद कुमार असाटी, हरिकृष्ण शुक्ला, शंकर लाल राय ने किया। पर्यावरण के क्षेत्र में निरन्तर पौधारोपण करके घर आँगन शहर के परिवेश को प्रदूषण मुक्त करने वाले। मूक पशु-पक्षियों को प्रतिदिन दाना चुगने के लिये डालने पानी पिलाने वाले राधेश्यामनेमा, श्रीमति विमला तिवारी ‘कल्याणी‘ , बलीराम पटैल, शंकर लाल राय, श्रीमति हेमलता दुबे की मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया ।

         कार्यक्रम के द्वितीय चरण में विमला तिवारी ने काव्य पाठ करते हुए ‘‘ ने-ने काटो ये सुहावने वन, जै विरछा करैं भैया दूर प्रदूषण ‘‘। बलीराम पटैल ‘‘ ठान लेव मन में सबई बात मान जाओ, पर्यावरण बचाओ पवनिया बचाओ ‘‘। मनीष कुमार रसिक ‘‘ वृक्ष कटते रहे तो कल कहाँ पाओगे हरियाली, मिटा दोगे जो हरियाली तो मिट जायेगी खुशहाली ‘‘। डाॅ. राशिद दमोही ‘‘ हो सके तो पेड़ भी लगवाईये, खूब जंगल को बढ़ाते जाईये ‘‘। रमेश कुमार ताम्रकार, हेमलता दुबे, के.के.पाण्डेय ने भी काव्य पाठकिया। संस्था अध्यक्ष ठा. रामचन्द्र सिंह ‘संन्यासी‘ ने पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त करने के लिये पौधे लगाने उनकी सुरक्षा करने मूक पशु-पक्षियों की आवाज सुनकर उनको दाना चुगने डालने, पानी पिलाने की बात करते हुए पाॅलिथीन का बहिष्कार करने एवं उनके दुष्परिणाम को बतलाते हुए पावन नदियों में पाॅलिथीन नहीं डालने, डिस्पोजल, बिसलरी बाॅटल का उपयोग नहीं करने की बात कही। श्याम सुन्दर शुक्ला ने पर्यावरण की व्याख्या करते हुए चाँद-सूरज, सिंह, नियति की बातें करके सभी की वाहवाही लूटी। डाॅ. पी.एल. शर्मा ने कहा पर्यावरण प्रदूषण दो प्रकार का होता है-पहला सामाजिक और दूसरा मानसिक प्रदूषण। एक तरफ मनुष्य चाँद पर पहुँचने की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ उसे आस-पड़ोस में रहने वालों के दुःख दर्द की भी जानकारी नहीं होती है ।


         कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रमोद गाँगरा ने पर्यावरण के सफल कार्यक्रम के लिये संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा-‘‘ मंजिलें मिलें या न मिलें ये मुकद्दर की बात है, हम कोशिश ही न करें ये गलत बात है ‘‘। कार्यक्रम में विनोद कुमार अग्रवाल, चन्दन अग्रवाल, ओजेन्द्र तिवारी, मुन्ना लाल पटैल, पंकज उदेनिया, राकेश कुमार सोनी, रामनाथ ‘अकेला‘, सुरेश कुमार नामदेव, सतीश गुप्ता अनेक वार्डवासियों के साथ बाल-गोपालों की भी उपस्थिति भी रही । 

           अंत में कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये सभी मंचासीन अतिथियों, उपस्थित साहित्यकारों एवं श्रोताओं का आभार संस्था सचिव मुकेश कुमार दुबे ‘एडवोकेट‘ द्वारा व्यक्त करते हुए विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरूआत करने के संबंध में जानकारी भी दी।

Post a Comment

Previous Post Next Post