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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (CMHO) के अधीन जिला मलेरिया विभाग में भ्रष्टाचार का खेल जारी....

      दमोह/ लोकतंत्र में पारदर्शिता लाने में सूचना का अधिकार एक्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं, शासकीय कार्यालयों में चल रहे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद करता हैं, इसके जरिये हर भारतीय सरकारी मंत्रालय या विभाग से अपने प्रश्नों का जबाब प्राप्त कर सकते हैं, इन सबालों का जबाब देने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होती हैं । 

      जिला मलेरिया अधिकारी यामिनी सिलारपुरिया द्वारा अपने मनमाने तरीके से काम करवानें एवं बिलों के भुगतान करने की जानकारी कई समय से मिल रही थी, सूचना के अधिकार एक्ट के तहत बिल भुगतान की जानकारी मांगी गई तो टाल-मटोल कर देने मना कर दिया गया ।

      मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (CMHO) के अधीन जिला मलेरिया विभाग में अनियमिततायें चरम सीमा पर हैं । दमोह शहर में 39 वार्डो में नाम मात्र का निरीक्षण कर इतिश्री कर लेना, ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया रथ, डेंगू, हाथी पाॅव जैसी गंभीर बीमारियों के प्रचार - प्रसार के नाम पर पम्पलेट, फिलेक्स पर लाखों रूपये खर्च कर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रहती हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर बीमारियों से कई लोग आज भी पीड़ित हैं, और कई लोग मौत के काल में समा चुके हैं ।

       जानकारी अनुसार यामिनी सिलारपुरिया विगत 10 वर्षों से ज्यादा समय से जिला मलेरिया अधिकारी की पोस्ट पर पदस्थ हैं, दिनांक 22/12/2023 को सूचना का अधिकार एक्ट के तहत ‘‘जनवरी 2018 से दिसम्बर 2023 तक’’ की जानकारी मांगी गई थी, जो आज दिनांक तक उपलब्ध नहीं कराई गई । मलेरिया अधिकारी यामिनी सिलारपुरिया एवं लेखापाल राजेन्द्र कटारे पर पूर्व में भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं, हर साल लाखों रूपयों का हेर-फेर कर शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जा रहा हैं । यामिनी सिलारपुरिया द्वारा बिना टेंडर (निविदा) प्रक्रिया के सरकारी गाईड लाईन के अनुसार कार्य नहीं हो रहा । कई वर्षों से आफीसरी स्टेशनरी खरीदी, फर्नीचर खरीदी एवं प्रिंटिंग कार्य, फिलेक्स, मलेरिया के प्रचार रथ गाड़ी पर डेंटिग-पेटिंग के नाम पर लाखों रूपयें खर्च किया गया, मार्केट रेट से दूने-तिगने रेट पर तथा कथित दुकानदार को फायदा दिलाने के लिए महज टेंडर प्रक्रिया आफिस में बैंठकर पूरी कर ली जाती हैं । जिसकी जानकारी आज तक किसी भी दुकानदार को नहीं लगी । भ्रष्टाचार के इस खेल में अहम भूमिका मलेरिया अधिकारी से लेकर लेखापाल राजेन्द्र कटारे द्वारा आफिस खर्चा, बिल भुगतान के नाम पर 40% का कमीशन लिया जा रहा हैं ।

    अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इन पर मेहरबानी बनाये रखता हैं ।


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