दमोह,/ ग्राम बिलाई (हिंडोरिया) में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर वृंदावन से पधारे पूज्य नीरज नयन महाराज ने जन्मोत्सव मनाने की भारतीय परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में हर शुभ कार्य की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से होती है, जबकि वर्तमान समय में लोग पाश्चात्य प्रभाव में आकर दीप बुझाकर जन्मदिन मना रहे हैं, जो सनातन परंपरा के विपरीत है।
उन्होंने नंद बाबा के उदाहरण को आदर्श बताते हुए कहा कि जन्मोत्सव पर ब्राह्मणों से स्वस्ति वाचन, गायों का पूजन, भगवान शिव का अभिषेक, दान-पुण्य और जरूरतमंदों को भोजन कराना जैसे सत्कर्म करने चाहिए, जिससे जन्मदिन प्रेरणादायक बन सके।
कथा के मुख्य श्रावक चंद्रभान एवं श्रीमती संध्या ने बताया कि प्रारंभ में कथा में बैठना कठिन लगता था, लेकिन अब कथा सुनने में गहरी आस्था और आनंद अनुभव हो रहा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
शनिवार को कथा के षष्ठम दिवस पर रुक्मणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न श्रद्धालुओं ने अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आज
ग्राम धनोरया, बिलाई में कथा पंडाल स्थल पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें स्त्री रोग, शिशु रोग, दंत एवं नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा जांच एवं परामर्श दिया जाएगा तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मा भी वितरित किया जाएगा।
