दमोह : सर्पदंश की स्थिति में क्या करें, क्या न करें इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने एडवाईजरी जारी करते हुये कहा है प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। बहुधा बारिश के मौसम में सांप काटने की घटनाएं बढ़ जाती है विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। उन्होंने कहा सांप काटने की घटना सामने आने पर संबंधित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्था यथा जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लाकर चिकित्सक से परीक्षण करवायें। चिकित्सक के परामर्श अनुसार एंटी ब्रेक वेनम से संबंधित की जान बचाई जा सकती है। इन सभी संस्थाओं में संर्पदंश से जीवन रक्षा के लिए जीवन रक्षक एंटी स्नेक वेनम वॉयल उपलब्ध है। अद्यतन स्थिति में जिला औषधि भंडार में 1060 वॉयल जीवन रक्षक एंटी स्नेक वेनम भण्डारित है।
आमतौर पर पाया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटना सामने आने पर ग्रामीण जन डॉक्टर के पास जाने के बजाय झाड़ फूंक, नीम-हकीम के चक्कर में उलझकर अथवा घरेलु उपाय मिर्च या नीम के पत्ते खा लेने से जहर नहीं फैलता, इस तरह की भ्रांति के चलते पीड़ित व्यक्ति की जान को खतरे में डाल देते है। सांप जहरीला हो तो घरेलू उपचार काम नहीं करते इसलिए इसमें समय बर्बाद न करें। सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाये। पीड़ित व्यक्ति को जहां सांप ने काटा है, वहां पर चीरा नहीं लगाना चाहिए इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
सर्पदंश के लक्षण- सांप काटने पर काटने वाली जगह पर सूजन आ जाती है, जबड़े, घुटने पर दर्द शुरू हो जाता है, यह इंगित करता है कि शरीर में जहर फैलने लगा है।
क्या करें- पीड़ित व्यक्ति को गुनगुना पानी पिलाये, उल्टी करायें ताकि जहर अंदर न फैले झाड़-फूंक नीम-हकीम के चक्कर मे न पड़कर सांप काटने पर मरीज को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा जिला अस्पताल लेकर जाएं।
सांप काटने पर प्राथमिक उपचार के लिए क्या करें
इस बात का ध्यान रखे कि जिस जगह पर सांप ने काटा है उसे बिल्कुल न हिलाये। अगर सांप ने मरीज को पांव में काटा है तो व्यक्ति के लिए चलना भी मना है, ऐसी स्थिति में उसे स्ट्रेचर, खाट के माध्यम से यथाशीघ्र अस्पताल लेकर जायें। इस दौरान सांप काटने के समय का ध्यान रखें। ब्लीडिंग होने के बाद खून को बहने दे। जिस स्थान पर सांप ने काटा है, उस स्थान अथवा अंग को साबुन और पानी से धो लें। काटे गये स्थान के उपर ढीली साफ पट्टी अथवा कपड़ा बांधकर घाव को कवर कर दे। इस बात का ध्यान रखे कि कपड़ा बहुत ज्यादा न कसा हो न ही बहुत अधिक ढीला हो। इस तरह प्राथमिक उपचार के बाद जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचे। समय पर अस्पताल पहुँचने पर व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। देर हो जाने पर दवायें काम नहीं कर पाती है। ध्यान रखें सर्पदंश से जीवन रक्षक एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध है।
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