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जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर ने जिले की राजस्व सीमा अंतर्गत थाईलैंड मांगुर मछली के विक्रय, परिवहन, पालन, संग्रहण तत्काल प्रभाव से किया प्रतिबंधित आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्ति के विरूद्ध होगी


      
            दमोह/ भारत सरकार द्वारा थाईलैंड मांगुर मछली पालन पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। प्रतिबंधित थाईलैंड मांगुर मछली पुनः बाहर से परिवहन कर जिले में अलग-अलग स्थानों पर विक्रय किये जाने की शिकायतें दूरभाष, सी.एम. हैल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त हो रही हैं। मछली पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाती है एवं मानव स्वास्थ्य के लिये हानिकारक मानते हुये  कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत दमोह जिले की राजस्व सीमा अंतर्गत थाईलैंड मांगुर Exotic Magur (Clarias gariepinus) मछली के विक्रय, परिवहन, पालन, संग्रहण को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया है। आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
           जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर ने मत्स्य विभाग में पदस्थ विभागीय अमले आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दमोह, जबेरा, तेन्दूखेड़ा के लिये मत्स्य निरीक्षक ऋषिओम तिवारी एवं पटेरा, हटा, पथरिया, बटियागढ़ के लिये  मत्स्य निरीक्षक ऋषिकांत पाठक को गठित टीम में शामिल किया है।
     उन्होंने निर्देशित किया है कि शिकायत प्राप्त होने पर सहायक संचालक मत्स्योद्योग जिला दमोह की टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए थाईलैंड मांगुर मछली को जब्त कर नियमानुसार विनिष्टिकरण की कार्यवाही करायेंगे। इस कार्य में संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी तथा राजस्व अधिकारी आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। आदेश के उल्लंघन के संबंध में कोई भी व्यक्ति दमोह हैल्पलाईन नंबर 07812-350300 पर सूचना/शिकायत कर सकता है। आदेश के पालन हेतु संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी तथा संबंधित राजस्व अधिकारी वैधानिक कार्यवाही करायेंगे एवं थाईलैंड मांगुर मछली के विनिष्टिकरण के पूर्व मछली पालन विभाग से मछली की पहचान कराया जाना सुनिश्चित करेंगे।
          यह आदेश सर्व साधारण को संबोधित है और चूंकि यह आदेश भविष्य में लोक स्वास्थ्य एवं पारिस्थितिकी तंत्र संतुलन बनाये रखने हेतु  जारी किया जा रहा है, तामीली प्रत्येक व्यक्ति, पर सम्यक रूपेण कराया जाना एवं सुनवाई किया जाना संभव नहीं है। अतः यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया गया है ।

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