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दमोह CM&HO पर लगे भ्रष्टाचार एवं सिविल सेवा नियमों में उल्लंघन मामले में जांच की मांग ....!

 

          दमोह/ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. राजेश कुमार अठ्या आये दिन चर्चाओं में बने रहते हैं, जब से इन्होंने दमोह जिले का पद संभाला तब से स्वास्थ्य सेवाऐं चरमरागई, जिला चिकित्सालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवायें ढप्प पड़ी हैं, लेकिन कागजों में सब सही चल रही हैं, आये दिन अखबारों में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुलती हैं ।

        दिनांक 16/4/2026 को कलेक्टर महोदय को, डाॅ. राजेश कुमार अठ्या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दमोह के जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था ।

         ये अधिकारी....  एक शास. सेवक होने के बाबजूद नियम कायदों को ताक पर रखकर म.प्र. सिविल सेवा आचरण 1965 के नियम 16 के उप नियम (4) का उल्लंघन करता हैं, आदेश में स्पष्ट लिखा है कि कोई भी शासकीय सेवक /डाॅ. अपने निवास पर अपने / अपने परिवार / अन्य के नाम पर सोनोग्राफी सेन्टर संचालित नहीं कर  सकता,  डाॅ. अठ्या द्वारा अपने निजनिवास कटनी में सोनोग्राफी सेन्टर संचालित करना प्रशासन को खुली चुनौता देता हैं ...!
 

         CM&HO डाॅ. राजेश कुमार अठ्या के द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, भोपाल में सेडमेप के माध्यम से दमोह जिले में 179 पदो की भर्ती प्रक्रिया के साक्षात्कार भोपाल से सम्पन्न हुये थे जिसमें डाॅ. अठ्या एवं इनके सहपाठी द्वारा जमकर धांधली और लाखों रूपये  अभ्यार्थियों द्वारा नियुक्ति के नाम पर बटोरे गये थें, जोकि मीडियां की सुखियां बनी थी,  जिसकी शिकायत पूर्व कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर जी से की गयी थी, पोल खुलने पर जिला कलेक्टर दमोह के द्वारा उक्त भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया ।

          डाॅ. राजेश कुमार अठ्या द्वारा बगैर टेंडर प्रक्रिया के खरीद-फरोस्त का कार्य किया, इन्होंने अपने सहपाठी कटनी एवं जबलपुर के व्यापारियों  के साथ मिलकर शासन को आर्थिंक छति पहुंचाने एवं कमीशन के चक्कर में घटिया सामग्री खरीदी गई ।

          डाॅ. अठ्या को शासकीय वाहन नं.  MP34 T 1551 जो कि दमोह जिले में शासकीय कार्यों के संचालन हेतु उसे शासन से मिला है जिसका उपयोग दमोह से कटनी और कटनी से दमोह डेली अप-डाउन के लिए अपने निजी  इस्तेमाल के लिए वाहन को लगभग 7 माह तक उपयोग किया गया, जो कि नियम विरूद्ध हैं डेली अप-डाउन के कारण दमोह जिले में स्वास्थ्य सेवायें पूर्ण रूप से ठप्प रही, जो म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965  के विरुद्ध कृत्य हैं । डाॅ. अठ्या पर लगाये गये आरोपो की निष्पक्ष जांच की जाना अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं ।     

         डाॅ. राजेश कुमार अठ्या जो कि पूर्व में कटनी में पदस्थ थे जहां इनके द्वारा शासकीय सेवक / चिकित्सक होकर कई प्रकार की अनियमिततायें और अवैधानिक कृत्यों को अंजाम दिया गया और लोक सेवक द्वारा सिविल सेवा नियमों  का उल्लखंन किया गया था, इनके विरुद्ध अनेकों शिकायतें कटनी में  दर्ज हैं, जिस कारण कटनी  से  डाॅ. राजेश कुमार अठ्या को दमोह स्थानांतरित कर दिया गया ।
    
        डाॅ. अठ्या की निष्पक्ष जांच होना अनिवार्य हैं, चूंकि भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं को उजागर कर कठोर कार्यवाही की जा सके ।


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