दमोह नगर पालिका टाउन हाल में दशकों से बने शहीद स्मारक को आज शिफ्ट करने का प्रस्ताव बनाया गया है, चंद लोगों के कहने पर जिनका कोई सरोकार स्तंभ या स्थल से नहीं है उनकी सलाह पर कलेक्टर दमोह श्री कोचर को ये मशवरा दिया गया कि यहां से मूत्रालय हटाए जाने की बजाएं स्तंभ को ही त्रिमूर्ति में शिफ्ट किया जाएं सम्भवतः कलेक्टर महोदय ने भी ये सलाह मान ली और निर्णय भी ले लिया। ये दुर्भाग्य है कि हम इस स्थान से मूत्रालय हटाने की बजाए शहीद स्तंभ हटाने का फैसला कर रहे है, हमारे शहीदों की शहादत का प्रतीक ये स्तंभ हटाया जायेगा मतलब उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है। ये असम्मान की पराकाष्ठा है। सालों से हम लोग हमारे युवा साथी इस स्थान पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते आ रहे है। कार्यकम होते है ध्वजारोहण होता है और इसी स्थल को हटाया जा रहा है। इस स्मारक को हटाए जाने की बजाए मूत्रालय हटाया जाए गंदगी खत्म की जाए , प्रशासन का काम ऐसे स्थलों को सुरक्षा देना है और वो उसे करना चाहिए। जो लोग इस स्तंभ को यहां से शिफ्ट करने के पक्ष में है मुझे उनकी श्रद्धां और राष्ट्र भक्ति पर संदेह है और कहीं न कहीं ये कायराना पन और चाटुकारिता के साथ किसी षडयंत्र का हिस्सा है। कलेक्टर साहब को इस स्थल के महत्व और उपयोग की जानकारी नहीं है ।
जब हम नगर पालिका की संपत्ति में एक शहीद स्तंभ का सरंक्षण नहीं कर सकते तो बीच शहर में इस स्थल का विकास नहीं कर सकते तो धिक्कार है ऐसे लोगों पर जो देशभक्ति राष्ट्र भक्ति का दंभ भरकर अपनी रोटियां सेकते हैं। अपेक्षा है कि इस स्थल को शिफ्ट करने की बजाए यहां से मूत्रालय हटाया जाए और जगह को अतिक्रमणमुक्त कर इसका विकास और सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि आने वाली पीढ़ी इस स्तंभ को देख कर राष्ट्र के प्रति श्रद्धां के भाव पैदा कर सकें ।
