दमोह/ नर्मदा खंड सेवा संस्थान के संरक्षक एवं प्रदेश के पंचायत ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने जरारूधाम गौ-अभ्यारण्य का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने गौमाता को रोटी खिलाकर गौ-सेवा का संदेश दिया। परिसर की पवित्रता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ आकर मन सदैव आनंदित होता है। पंचायत मंत्री श्री पटेल ने निर्माणाधीन कार्यों का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
संस्थान के अध्यक्ष नरेंद्र बजाज की अध्यक्षता में अन्य पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में जरारूधाम गौ अभ्यारण और गुबरा गौशाला में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री श्री पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा “गौ माता कमाने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है।” उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में कहा केवल पौधारोपण पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सके।
नर्सरी के संबंध में उन्होंने कहा केवल नर्सरी आधारित गतिविधियों से दीर्घकालिक एवं सुदृढ़ आय सुनिश्चित नहीं की जा सकती, पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आय के विविध एवं टिकाऊ साधनों को विकसित करना आवश्यक है। इसी क्रम में उन्होंने गौ-काष्ठ (गोबर से निर्मित लकड़ी) एवं गोबर आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष बल देते हुए कहा यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार के प्रभावी अवसर सृजित कर सकती है।
उन्होंने कहा देश में विरले ही ऐसे स्थल हैं, जहाँ एक ही परिसर में गौ-सेवा, जैविक गतिविधियाँ, पर्यावरण संरक्षण, प्रशिक्षण एवं रोजगार से जुड़ी इतनी व्यापक और सुव्यवस्थित सुविधाएँ उपलब्ध है, और इस दृष्टि से जरारूधाम एक आदर्श समग्र विकास मॉडल के रूप में उभर रहा है।
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अपने संबोधन में कहा गाय, शिक्षा और पर्यावरण समग्र विकास के प्रमुख स्तंभ हैं, जिनके समन्वित प्रयास से ही समाज की सतत प्रगति संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान हम सभी का है और इसके विकास एवं उन्नति के लिए सामूहिक सहभागिता एवं समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने जैविक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जैविक खाद (डीएपी के विकल्प के रूप में) के उत्पादन हेतु एक समर्पित प्लांट स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक खाद को बढ़ावा देना न केवल भूमि की उर्वरता बनाए रखने में सहायक होगा, बल्कि किसानों के लिए लागत में कमी और दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेगा।
इस अवसर पर उन्होंने अभ्यारण्य के समीप संचालित शासकीय विद्यालय को उन्नत कर सर्वसुविधायुक्त रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा विद्यालय भवन का पुनर्निर्माण कर विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका संपूर्ण व्यय संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा।
साथ ही विभिन्न विभागों पंचायती राज संस्थान, राज्य आजीविका मिशन तथा सीसीआरटी द्वारा संचालित प्रशिक्षण अभ्यारण में करने हेतु कार्यक्रमों के लिए सभी का आभार व्यक्त किया एवं सर्वसुविधायुक्त प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने पर भी बल दिया।
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अपने संबोधन में कहा गाय, शिक्षा और पर्यावरण समग्र विकास के प्रमुख स्तंभ हैं, जिनके समन्वित प्रयास से ही समाज की सतत प्रगति संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान हम सभी का है और इसके विकास एवं उन्नति के लिए सामूहिक सहभागिता एवं समन्वय आवश्यक है।
इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी आचार्य जगेंद्र सिंह, शंकर महतो, सुशील कुमार गुप्ता, गोपाल पटेल, राघव राजा राजकुमार सिंह, गंगाराम पटेल, नर्मदा सिंह एकता, अमर सिंह राजपूत, कैलाश शैलार, करन सिंह सहित अभ्यारण के कर्मचारी व अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
